नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग के 7वें संस्करण के प्लेयर्स
ऑक्शन से पहले सभी फ्रेंचाइजियों ने अपने सुरक्षित खिलाड़ियों की सूची जारी
कर दी है। चेन्नई सुपरकिंग्स, राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस ने जहां
5-5 खिलाड़ियों को बरकरार रखा है, वहीं दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम ने
वीरेंद्र सहवाग और केविन पीटरसन समेत सभी स्टार प्लेयर्स को नीलामी के लिए
मुक्त कर दिया।
चेन्नई सुपरकिंग्स ने जहां घरेलू खिलाड़ियों पर भरोसा जताया, वहीं मुंबई ने पांच में से दो खिलाड़ी विदेशी चुने।
इस बार प्लेयर्स ऑक्शन में प्रत्येक फ्रेंचाइजी अधिकतम 600 मिलियन
रुपए खर्च कर सकती है। खिलाड़ियों को सुरक्षित रखने के बाद कुछ के पास
लिमिटेड बजट बचा है तो कुछ के पास खुलकर खर्च करने की आजादी।
इस बार गवर्निंग काउंसिल ने राइट टू मैच कार्ड के रूप में
फ्रेंचाइजियों के लिए एक नई सुविधा दी है। 'राइट टू मैच' के जरिये भी टीमें
अपने खिलाड़ियों को वापस खरीद सकती हैं। किसी खिलाड़ी पर बोली प्रकिया
पूरी होने के बाद उसके पुराने फ्रेंचाइजी से पूछा जाएगा कि क्या वह इस
खिलाड़ी को अपने साथ रखना चाहता है। यदि जवाब 'हां' होता है, तो वह तय हुई
बोली पर उसे खरीद सकता है।
'राइट टू मैच' कार्ड की संख्या हर फ्रेंचाइजी के लिए अलग होगी। यदि
कोई फ्रेंचाइजी तीन से पांच खिलाड़ियों को बरकरार रखती है, तो उसे कुल एक
कार्ड मिलेगा। एक या दो खिलाड़ी बरकरार रखने पर टीम को दो कार्ड मिलेंगे।
यदि फ्रेंचाइजी किसी भी खिलाड़ी को बरकरार नहीं रखती तो उसके पास तीन 'राइट
टू मैच' कार्ड होंगे।






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