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Wednesday, March 19, 2014

Indian Cricketer Sachin Tendulkar Latest News In Hindi

खेल डेस्क. क्रिकेट के 200 से अधिक रिकॉर्ड सचिन तेंडुलकर के नाम है। सबसे अधिक रन, शतक, दोहरा शतक, मैच और भी कई रिकॉर्ड। एक ऐसा रिकॉर्ड भी है जिसमें शाहिद आफरीदी क्रिकेट के भगवान सचिन से आगेे हैं। किसी भी एक कैलेंडर ईयर में शाहिद ने सचिन तेंडुलकर से अधिक छक्के लगाए हैं।

http://www.bhaskar.com/article/SPO-indian-cricketer-sachin-tendulkar-latest-news-in-hindi-4554113-PHO.html


शाहिद आफरीदी ने 2002 में खेले गए मैचों में 48 छक्के लगाए थे। उस वर्ष उन्होंने एक साल में 743 रन बनाए थे। इस मामले में शेन वाटसन दूसरे और पूर्व भारतीय क्रिकेट र सचिन तेंडुलकर तीसरे स्थान पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर शेन वाटसन ने 2011 में 42 छक्के लगाए थे। इसमें मीरपुर में बांग्लादेश के खिलाफ एक पारी में लगाए गए 15 छक्के भी शामिल हैं।

सचिन हैं तीसरे स्थान पर, 1998 में लगाए हैं 40 छक्के

मास्टर ब्लास्टर सचिन ने 1998 में धामकेदार बल्लेबाजी करते हुए एक कैंलेंडर ईयर में 40 छक्के लगाए थे, जो रिकॉर्ड था। इस वर्ष सचिन ने रिकॉर्ड 1894 रन बनाए थे। सचिन के इस रिकॉर्ड को पाकिस्तान के शाहिद आफरीदी ने 2002 में 48 छक्के लगाकर तोड़ा था।

कैलेंडर ईयर में छक्के का रिकॉर्ड
  1. 2011 में ऑस्ट्रेलिया के शेन वाटसन ने 42 छक्के लगाए थे।
  2. 1998 में लिटिल मास्टर सचिन ने 40 छक्के लगाए थे।
  3. 2005 में शाहिद आफरीदी ने 37 छक्के लगाए।
  4. 2000 में पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने 35 छक्के लगाए थे।
  5. 2007 में कंगारू खिलाड़ी मैथ्यू हेडन ने 35 बार गेंद को सीमा रेखा से बाहर भेजा था।
  6. 2013 में रोहित शर्मा और जॉर्ज बैली ने 30-30 छक्के लगाकर टॉप पर थे।
  7. महेंद्र सिंह धोनी ने 2005 में 34 छक्के, युवराज ने 2007 में 33 और 2008 में 31 छक्के लगाकर टॉप पर थे।

Saturday, November 30, 2013

टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित होंगे पांच द. अफ्रीकी खिलाड़ी!

http://www.bhaskar.com/article-ht/SPO-CRI-south-afriaca-top-5-players-for-indian-tour-4449760-PHO.html

खेल डेस्क. टेस्ट सीरीज में 4-0 से ऑस्ट्रेलिया का क्लीन स्वीप और लगातार छह वन-डे सीरीज जीतने के बाद टीम इंडिया पांच दिसंबर से दक्षिण अफ्रीकी टूर का आगाज करने जा रही है। घरेलू मैदान पर पहले ऑस्ट्रेलिया और फिर वेस्टइंडीज को हराने के बाद दक्षिण अफ्रीका दौरे को टीम इंडिया का रियल टेस्ट माना जा रहा है। 
दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट वर्ल्ड में वापसी के बाद 20 सालों में भारत छह बार अफ्रीका का दौरा कर चुका है, लेकिन एक बार भी वह वनडे या टेस्ट सीरीज जीतने में सफल नहीं हुआ है। सचिन तेंडुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे खिलाड़ी क्रिकेट से विदा ले चुके हैं, ऐसे में धोनी की यंग ब्रिगेड के लिए अफ्रीका की तेज पिचें बड़ी चुनौती मानी जा रही हैं। 
हालांकि, पाकिस्तान ने हाल ही में पहली बार अफ्रीकी धरती पर वन-डे सीरीज जीती है, जिससे टीम इंडिया का भी हौसला बढ़ा है। दक्षिण अफ्रीकी टीम भी इस बात को जानती है, यही कारण है कि उसने इस सीरीज से पहले टीम इंडिया पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। 
विश्व के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में शुमार और दक्षिण अफ्रीकी पेस बैटरी के सबसे बड़े हथियार डेल स्टेन ने कहा कि भारत में उन्हें सूखी पिचें दी जाती हैं, लेकिन यहां पर भारतीयों का स्वागत हरियाली से करेंगे। मतलब साफ है- दक्षिण अफ्रीका में भारतीय टीम को हरी घास वाली पिचों पर तूफानी गेंदबाजों का सामना करना होगा।    
धोनी ब्रिगेड के लिए सिर्फ डेल स्टेन ही एकमात्र चुनौती नहीं हैं बल्कि कुछ और खिलाड़ी भी इस सीरीज में टीम इंडिया के लिए खतरे की घंटी बजा सकते हैं।

Monday, November 25, 2013

Ishant Sharma Gets Favour Over Gautam Gambhir,

खेल डेस्क. साउथ अफ्रीका टूर के लिए टीम इंडिया का एलान हो गया। टीम कुछ वैसी ही रही जैसी कि उम्मीद थी, बिल्‍कुल आईपीएल के सितारों से भरी हुई। गौतम गंभीर जहां 2 सेंचुरी और हाफ सेंचुरी लगाकर भी बाहर रह गए, वहीं इशांत शर्मा महज 1 मैच में 9 विकेट लेकर टीम में वापस आ गए।
 
टीम में रिजर्व बैट्समैन के तौर पर सुपरफ्लॉप अंबाती रायडू को शामिल किया गया है। रायडू से ज्यादा रन बनाने वाले कई युवा रणजी क्रिकेट में खेल रहे हैं। यदि अनुभव की ही बात की जाए तो एस बद्रीनाथ तक उनसे बेहतर हैं।
 

 सेलेक्टर्स की इस दिखावटी टीम इंडिया ने प्रशंसकों के मन में कई सवाल खड़े किए हैं। साथ ही वे युवा खिलाड़ी भी निराश हैं, जो पिछले दो सीजन से लगातार घरेलू क्रिकेट में जूते घिस रहे हैं।

Saturday, November 23, 2013

धोनी ने चली चाल और सुपर फ्लॉप रैना कर गए पहली बार खास कारनामा.

खेल डेस्क- कोच्चि में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को छह विकेट से हराकर वनडे सीरीज में भी विजयी आगाज किया है। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0  की बढ़त बना ली है। 
कोच्चि में टीम इंडिया की जीत को विराट कोहली की रिकॉर्ड पारी और रोहित शर्मा के  पचासे ने आसान बना दिया। रोहित और विराट के आउट होने के बाद जीत की औपचारिकता युवराज सिंह और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने पूरी कर दी। 
http://www.bhaskar.com/article/SPO-CRI-CRO-suresh-raina-best-bowling-performance-in-kochi-4442192-PHO.html?seq=1
 
 
विराट और रोहित से पहले टीम इंडिया के स्पिनर जीत की नींव रख चुके थे। धोनी की एक चाल के बाद स्पिन अटैक में सबसे बड़े सप्राइज पैकेज रहे सुरेश रैना। 
रैना ने कोच्चि में पिच के मिजाज को समझ फिरकी का ऐसा जाल बुना कि कैरेबियाई पारी आखिरी तक उससे नहीं उबर सकी। 
रैना इससे पहले भी कई बार अहम मौकों पर टीम के लिए विकेट हासिल कर चुके हैं लेकिन कोच्चि में तो उन्होंने कमाल करते हुए करियर में पहली बार एक खास कारनामे को अंजाम दे डाला।    Read More...

Saturday, November 16, 2013

Sachin Tendulkar`S Emotional Speech



वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस् मैच में तीसरे दिन, यानी शनिवार को ही भारत जीत गया और सचिन की शानदार विदाई हुई। (मैच का अपडेट पढ़ें) शनिवार को वानखेड़े स्टेडियम में हजारों प्रशंसकों के सामने सचिन के एक-एक शब्द इतिहास का हिस्सा बनने के लिए गूंज रहे थे। दुनिया के इस महान बल्लेबाज ने रिटायरमेंट के भावुक क्षणों में अपने तमाम प्रशंसकों का शुक्रिया अदा किया और उन सबके प्रति आभार जताया, जिनके चलते उन्हें यह मुकाम हासिल हुआ। मैच खत् होने के बाद सचिन ने कहा .....
http://www.bhaskar.com/sports/


पिछले 24 सालों में मेरी जिंदगी 22 गज में सिमटी रही। सचिन ने लिस्ट निकाली और कहा कि मैं सबके नाम लिखकर लाया हूं ताकि किसी को भूल जाऊं। सबसे पहले अपने पिता रमेश तेंदुलकर का नाम लेकर सचिन बोले, 'उनके निर्देशन के बिना मैं आपके सामने इस वक्त खड़ा होता। 11 साल की उम्र में उन्होंने मुझे कहा कि अपने सपनों का पीछा करो। जब भी मैंने कुछ खास किया और अपना बल्ला हवा में उठाया, यह उन्हीं के लिए था।

मां के अलावा अंकल-आंटी को भी याद किया....
अपनी मां को याद करते हुए सचिन बोले 'मुझे संभालना आसान नहीं था। उन्होंने मेरे जैसे शरारती बच्चे को कैसे संभाला होगा! उन्हें हर वक्त मेरी सेहत की फिक्र रहती। हर वक्त इस बात का ध्यान रखा। जिस दिन से मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया, उन्होंने मेरे लिए प्रार्थना शुरू कर दी। उन्हीं की दुआओं से मैं यहां तक पहुंचा।' सचिन ने कहा 'स्कूल के दिनों में मैं चार साल तक अपने अंकल आंटी के पास रहा क्योंकि मेरा घर स्कूल से दूर था। मेरे अंकल-आंटी ने मेरे लिए बहुत मेहनत की।