वेस्टइंडीज के
खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में
तीसरे दिन, यानी
शनिवार को ही
भारत जीत गया
और सचिन की
शानदार विदाई हुई।
(मैच का अपडेट पढ़ें)। शनिवार को वानखेड़े स्टेडियम में
हजारों प्रशंसकों के
सामने सचिन के
एक-एक शब्द
इतिहास का हिस्सा
बनने के लिए
गूंज रहे थे।
दुनिया के इस
महान बल्लेबाज ने
रिटायरमेंट के भावुक क्षणों
में अपने तमाम
प्रशंसकों का शुक्रिया अदा
किया और उन
सबके प्रति आभार
जताया, जिनके चलते
उन्हें यह
मुकाम हासिल हुआ।
मैच खत्म
होने के बाद
सचिन ने कहा
.....
पिछले 24 सालों में
मेरी जिंदगी 22 गज
में सिमटी रही। सचिन
ने लिस्ट निकाली
और कहा कि
मैं सबके नाम
लिखकर लाया हूं
ताकि
किसी को भूल
न जाऊं। सबसे
पहले अपने पिता
रमेश तेंदुलकर का
नाम लेकर सचिन
बोले, 'उनके निर्देशन के
बिना मैं आपके
सामने इस वक्त
न खड़ा होता।
11 साल
की उम्र में
उन्होंने मुझे कहा कि
अपने सपनों का
पीछा करो। जब
भी मैंने कुछ
खास किया और
अपना बल्ला हवा
में उठाया, यह
उन्हीं के लिए
था।
मां के अलावा अंकल-आंटी को भी याद किया....
अपनी मां को
याद करते हुए
सचिन बोले 'मुझे
संभालना आसान नहीं था।
उन्होंने मेरे जैसे शरारती
बच्चे को कैसे
संभाला होगा! उन्हें
हर वक्त मेरी
सेहत की फिक्र
रहती। हर वक्त
इस बात का
ध्यान रखा। जिस
दिन से मैंने
क्रिकेट खेलना शुरू किया,
उन्होंने मेरे लिए प्रार्थना शुरू
कर दी। उन्हीं
की दुआओं से
मैं यहां तक
पहुंचा।' सचिन ने कहा
'स्कूल के दिनों
में मैं चार
साल तक अपने
अंकल आंटी के
पास रहा क्योंकि मेरा
घर स्कूल से
दूर था। मेरे
अंकल-आंटी ने
मेरे लिए बहुत
मेहनत की।






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