नई दिल्ली. लेजेंड्री एथलीट मिल्खा सिंह की रुलाने वाली
बायोग्राफी के बाद अब स्टार बॉक्सर एमसी मेरी कॉम की बायोग्राफी लॉन्च हुई
है। अपनी इस किताब में मेरी कॉम ने अपनी जिंदगी के हर उस दर्द को बयां किया
है जिससे लड़कर वे आज इस सफलता के मुकाम पर पहुंचीं हैं।
फिर चाहे बात इंफाल के साई स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में गुजारे मुश्किल समय की हो या रूढ़ीवादी मानसिकता वाले अपने गांव से निकलकर वर्ल्ड में चैंपियन बॉक्सर बनना, मेरी कॉम ने अपने हर संघर्ष को इस किताब में सार्वजनिक किया है।
भारत में एथलीट्स की जिंदगी आसान नहीं होती। जहां प्रतिभाशाली पुरुषों को अपनी पहचान बनाने के लिए जूते घिसने पड़ जाते हैं, वहां एक महिला का वर्ल्ड चैंपियन बनना गर्व की बात है। मेरी कॉम ने उस देश में जाकर तिरंगा लहराया जिस राष्ट्र ने 200 सालों तक हम पर क्रूरता से राज किया था। लंदन ओलिंपिक में मेरी कॉम का ब्रॉन्ज मेडल हमेशा चमकता रहेगा।
फिर चाहे बात इंफाल के साई स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में गुजारे मुश्किल समय की हो या रूढ़ीवादी मानसिकता वाले अपने गांव से निकलकर वर्ल्ड में चैंपियन बॉक्सर बनना, मेरी कॉम ने अपने हर संघर्ष को इस किताब में सार्वजनिक किया है।
भारत में एथलीट्स की जिंदगी आसान नहीं होती। जहां प्रतिभाशाली पुरुषों को अपनी पहचान बनाने के लिए जूते घिसने पड़ जाते हैं, वहां एक महिला का वर्ल्ड चैंपियन बनना गर्व की बात है। मेरी कॉम ने उस देश में जाकर तिरंगा लहराया जिस राष्ट्र ने 200 सालों तक हम पर क्रूरता से राज किया था। लंदन ओलिंपिक में मेरी कॉम का ब्रॉन्ज मेडल हमेशा चमकता रहेगा।






0 comments:
Post a Comment