खेल डेस्क. टी-20 वर्ल्ड कप में स्पिनर्स का बोलबाला है। वेस्ट
इंडीज हो या टीम इंडिया या फिर साउथ अफ्रीका, हर टीम की सफलता के पीछे
फिरकी का कमाल है।
बांग्लादेशी पिचों पर स्पिनर्स सफल होंगे, इस बात का अंदाजा
टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही लग चुका था, लेकिन वे लगातार मैचों में
बेस्ट परफॉर्मर रहेंगे, यह शायद ही किसी ने सोचा होगा।
ग्रुप स्टेज मैचों में सर्वाधिक विकेट लेने वाले स्पिनर्स इस प्रकार से रहे-
इमरान ताहिर (लेगब्रेक) - 9.18 के एवरेज से 11 विकेट
सैमुअल बद्री (लेग स्पिनर) - 9 के औसत से 10 विकेट
अमित मिश्रा (लेग स्पिनर) - 8.77 के एवरेज से 9 विकेट
शाकिब अल हसन (लेफ्ट आर्म स्पिनर) - 17.87 के औसत से 8 विकेट
आर अश्विन (ऑफ स्पिनर) - 10.42 के एवरेज से 7 विकेट
नदीम अहमद (लेफ्ट आर्म स्पिनर) - 11.50 के एवरेज से 6 विकेट
सुनील नारायण (ऑफ स्पिनर) - 12 के औसत से 6 विकेट
रंगना हेराथ (लेफ्ट आर्म स्पिनर) - 0.60 के औसत से 5 विकेट
हाल ही में वेस्टइंडीज के ऑफ स्पिनर सुनील नरेन ने कहा कि ‘तीसरा’
जैसी कोई गेंद नहीं है। यह केवल बल्लेबाजों के साथ माइंड गेम खेलने जैसा
है। हम टीवी पर कई बार कमेंटेटर्स के मुंह से कुछ ऐसी गेंदों के नाम सुनते
हैं, जिनके बारे में आमतौर पर स्पष्ट पता नहीं होता है। नॉलेज पैकेज के
अंतरगत हम आपको बता रहे हैं स्पिनर्स के उन हथियारों के बारे में, जिनसे वे
बल्लेबाजों को बेबस कर पवेलियन की राह दिखाते हैं।
सबसे मशहूर है सईद अजमल की तीसरा गेंद, जिसे अकसर जलेबी भी कहा जाता
है। एशिया कप के दौरान बीमर गेंद ने काफी बवाल मचाया था। पाकिस्तानी
गेंदबाज को लगातार तीन बीमर फेंकने के लिए गेंदबाजी करने से रोक दिया गया
था। ऐसा ही हाल भारत के वरुण आरोन का भी हुआ था।