खेल डेस्क. टेस्ट सीरीज में 4-0 से ऑस्ट्रेलिया का क्लीन स्वीप और लगातार छह वन-डे सीरीज जीतने के बाद टीम इंडिया पांच दिसंबर से दक्षिण अफ्रीकी टूर का आगाज करने
जा रही है। घरेलू मैदान पर पहले ऑस्ट्रेलिया और फिर वेस्टइंडीज को हराने
के बाद दक्षिण अफ्रीका दौरे को टीम इंडिया का रियल टेस्ट माना जा रहा है।
दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट वर्ल्ड में वापसी के बाद 20 सालों में भारत छह
बार अफ्रीका का दौरा कर चुका है, लेकिन एक बार भी वह वनडे या टेस्ट सीरीज
जीतने में सफल नहीं हुआ है। सचिन तेंडुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस
लक्ष्मण जैसे खिलाड़ी क्रिकेट से विदा ले चुके हैं, ऐसे में धोनी की यंग
ब्रिगेड के लिए अफ्रीका की तेज पिचें बड़ी चुनौती मानी जा रही हैं।
हालांकि, पाकिस्तान ने हाल ही में पहली बार अफ्रीकी धरती पर वन-डे सीरीज
जीती है, जिससे टीम इंडिया का भी हौसला बढ़ा है। दक्षिण अफ्रीकी टीम भी इस
बात को जानती है, यही कारण है कि उसने इस सीरीज से पहले टीम इंडिया पर
मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं।
विश्व के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में शुमार और दक्षिण अफ्रीकी पेस
बैटरी के सबसे बड़े हथियार डेल स्टेन ने कहा कि भारत में उन्हें सूखी पिचें
दी जाती हैं, लेकिन यहां पर भारतीयों का स्वागत हरियाली से करेंगे। मतलब
साफ है- दक्षिण अफ्रीका में भारतीय टीम को हरी घास वाली पिचों पर तूफानी
गेंदबाजों का सामना करना होगा।
धोनी ब्रिगेड के लिए सिर्फ डेल स्टेन ही एकमात्र चुनौती नहीं हैं
बल्कि कुछ और खिलाड़ी भी इस सीरीज में टीम इंडिया के लिए खतरे की घंटी बजा
सकते हैं।






